नारायण बलि पूजा क्या है
यह एक विशेष अनुष्ठान है, जो उन आत्माओं की शांति के लिए किया जाता है जिनकी मृत्यु दुर्घटना, आत्महत्या या किसी असमय कारण से हुई हो। परंपरा के अनुसार ऐसी आत्माएं अतृप्त रह जाती हैं, और नारायण बलि पूजा उन्हें शांति की ओर ले जाने का माध्यम मानी जाती है।
यह किनके लिए आवश्यक माना जाता है
- दुर्घटना में हुई मृत्यु
- आत्महत्या से हुई मृत्यु
- बहुत कम उम्र में हुई असमय मृत्यु
- परिवार को लगे कि मृतक की आत्मा अशांत है (प्रेत बाधा की आशंका)
अनुष्ठान की प्रक्रिया
नारायण बलि पूजा सामान्यतः विष्णुपद मंदिर परिसर में 1-2 दिनों में सम्पन्न होती है। इसमें नारायण की पूजा, विशेष बलि विधि और तर्पण शामिल है — यह पिंड दान से अधिक विस्तृत और विशेष अनुष्ठान माना जाता है।
परिवार के लिए एक संवेदनशील विषय
पं. अंकित जी समझते हैं कि यह विषय परिवार के लिए भावनात्मक रूप से कठिन हो सकता है। इसलिए हर परिवार से पहले शांतिपूर्वक बात की जाती है, स्थिति को समझा जाता है, और उसके बाद ही उचित तिथि व विधि सुझाई जाती है।

